Monday, 13 April 2020

निंदा का डर

।। निंदा का डर ।।
अब्राहम लिंकन ने एक ऐसे व्यक्ति को अपना रक्षामंत्री नियुक्त किया , जो उनका बहुत बड़ा आलोचक था । वह हर समय राष्ट्रपति की पीठ पीछे उनकी निंदा करता रहता । लिंकन के समर्थकों को यह बात पसंद नहीं थी । वे परेशान रहते थे कि लिंकन ने आखिर ऐसे व्यक्ति को मंत्री बनाया ही क्यों , जो उनका सम्मान ही नहीं करता । आखिरकर एक दिन उन्होंने लिंकन से शिकायत कर ही दी । लिंकन ने अपने समर्थकों को समझाया , ' शायद आपका यह कहना सही है कि वह मेरा प्रशंसक नहीं है और मुझसे घृणा करता है । लेकिन यह मत भूलिए कि वह एक सच्चा राष्ट्रभक्त होने के साथ - साथ एक योग्य मंत्री भी है । उसे जो काम दिया जाता है वह उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करता है । ' लिंकन ने आगे कहा , ' हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्य एक व्यक्ति के महिमागान से कहीं ऊपर हैं । ' लिंकन ने अपने समर्थकों से पूछा , ' अब आप मुझे सोच कर बताएं कि अमरीका को लिंकन भक्तों की जरूरत है या फिर उन देशभक्तों की जो उसके हित के लिए काम करें ? ' लिंकन की बात सुनकर उनके समर्थक कुछ कह तो न सके , लेकिन उनके मन लिंकन के प्रति श्रद्धा और बढ़ गई थी । 

शिक्षा :- अपनी आलोचना मात्र से डगमगा जाना कमजोरी की निशानी है ।

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